लम्पी वायरस गोवंश बीमारी पुनः लौटने से पहले सावधानी जरूरी
-शहर में भी कुछ गोवंष अभी भी संक्रामक रोग के शिकार
नागपुर. (आनन्दमनोहर जोशी)
लम्पि वायरस गोवंश की बीमारी भारत के अनेक हिस्सों में ठीक एक वर्ष पहले लगभग 24 लाख पशुओं को हुई थी. जिसमें से करीबन एक लाख दस हज़ार पशुओं की मौत भी इस दौरान हुई थी.सबसे ज्यादा राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र में लम्पी बीमारी से पशुओं की जाने चली गई थी.बुधवार को शहर के चितार ओली परिसर में भी भी लम्पी बीमारी के लक्षण की तरह वाली गाय को देखा गया।यह भी सर्विदित है , कि लम्पी यह बीमारी विदेश से वर्ष 1929 से अनेक देशों में फैलती रही है. जाम्भिया,पाकिस्तान,अमेरिका जैसे देशों के बाद यह भारत के अनेक राज्यों में पैर पसार चुकी है.भारत सरकार को भी चौकन्ना रहकर इस बिमारी की वैक्सीन से इसे जड़ से ख़त्म करना जरुरी है.अन्यथा यह वापस तेजी से फ़ैल सकती है.भारत के समस्त राज्यों की गौशालाओं ,गौ पालक को भी सतर्क रहकर अपने अपने पशुओं को लम्पी वायरस और अन्य घातक बीमारियों से बचाव के संसाधन जुटाना होगा.
